शनिवार, 14 अक्टूबर 2023

सुमित वाजपेयी'मध्यांदिन'की एक कविताए

चिकनी सतह पर ध्यान दो


आप्तालित मधुमास के, चौमासा से भींगे हुए

ये निलय हैमैं

मै कह रहा हूं,आप से चिकनी सतह पर ध्यान दो.


कोई प्रेम नहीं करता अंधेरे से

सघन बीती रात के,ओश से भींगे हुए

कुछ सत्य और असत्य है 

मैं कह रहा हूं आप से चिकनी सतह पर ध्यान दो.


टूटे हुए छप्पर के नीचे,टूटी हुई दीवाल मिट्टी की

उसी दरवाजे की चौखट पर बैठा एक बच्चा

का रहा है बात

रो रहा घर में है कोई,भूख के सूखे पड़े कुछ पत्र है

मै कह रहा हूं आप से चिकनी सतह पर ध्यान दो

                              °°°°

  
संपर्क: ग्राम -रजवापुर, पोस्ट -बरबटपुर जिला -सीतापुर

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