गुरुवार, 8 फ़रवरी 2024

एक

जिसमें राजनीति न हो
ऐसी-सी कविता लिखने के लिए
ज़रूरत है कि-
मैं चिड़ियों को सुन सकूं
और
चिड़ियों को सुनने के लिए
ज़रूरी है कि-
लड़ाकू जहाज़ आवाज़ न करें।
         •मोरवान मखलूक (फिलिस्तीनी कवि)
           (पंजाबी अनुवाद(प्रदीप सिंह,हिसार)
           पंजाबी से हिंदी अनुवाद)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद।